पटना : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने मंत्रियों और विधायकों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति जानने के लिए हर महीने के अंत में कम से कम 10 दिेंन तक गांव में रहने के लिए कहा है। वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्लान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और एक विस्तृत योजना तैयार करेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों की अपनी यात्रा में पहले की तुलना में और बढ़ाने का प्रयास करेंगे ताकि गांवों का विकास हो सके।amit sah theviralnews

उत्तर प्रदेश भाजपा के मेरठ के कार्यकारी में फैसला किया गया कि पार्टी गांवों में चौपाल (बैठकें) आयोजित करेगी और केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लाभार्थियों के साथ बातचीत करेगी। इसलिए मुख्यमंत्री ने उन्हें उनके साथ बातचीत करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे ने पहले ही ग्रामीण इलाकों में एक महीने में कम से कम 10 दिनों की योजना बनाने के लिए पार्टी के हर विधायक को यह जानकारी दी है। मंत्रियों की जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व भी बाद में तय की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कुछ मंत्री को जिम्मेदारी सौंपी है और उन्हें जिलों का प्रभारी बनाया गया है, लेकिन इन मंत्रियों में से कुछ के बारे में फीडबैक उनके लिए अच्छा नहीं है, वो जिलों के बारे में गंभीर नहीं है जिनके लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं बहुत स्पष्ट है कि सभी मंत्री प्रभारी को अपने जिलों के कार्यकर्ता के साथ बेहतर समन्वय करना चाहिए।

इसके साथ-साथ योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वो पैसे का ज्यादा से ज्यादा उपयोग विकास कार्य के लिए करें। यह याद दिलाना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता पहले से ही ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे हैं और इसी तरह विश्व हिंदू परिषद के साथ ग्रामीण आधार का विस्तार करने का मामला भी है। अब मंदिर के कारण तक पहुंचने की उनकी योजना में इसे आगे बढ़ाया जाएगा। लेकिन समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस की तुलना में पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने के लिए कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here