भारतीय जनता पार्टी के स्वभाविक पार्टनर के रूप में सबसे बड़ा नाम शिवसेना का लिया जाता है। पर जब से भाजपा का कमान मोदी और शाह के हाथ मे आया है तब से मामला बड़ा टेढ़ा हो गया है। भाजपा, पीएम मोदी पर शिवसेना हमला करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ती है।  एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जम कर निशाना साधा है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए पूछा है कि राम मंदिर बनने में अब किस बात की देरी हैं।

बिहार में भी शिवसेना के पदाधिकारियों ने अपने नेता द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब पूछा है। शिवसेना के बिहार से जुड़े पदाधिकारी सुमित रंजन सिन्हा ने पूछा है कि चुनाव आने वाला है अब कौन झूठ लेकर जनता के  सामने जाएंगे। क्या राम मंदिर और हिंदुत्व को ऐसे ही केवल चुनावी मुद्दा बना कर रखना है। आखिर जब आपके पास पूर्ण बहुमत है और हम सभी आपके साथ खड़े हैं। अगर सच मे चाहते हैं कि राम मंदिर बने और हिंदुओं के भरोसे पर खरा उतारें तो अभी भी वक्त है।

सुमित ने कहा कि हमारे अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से जो सवाल पूछे हैं वो पूरी तरह से प्रासंगिक है। आपको बता दें कि शिवसेना प्रमुख ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है, ‘आप उन देशों की यात्रा करते पर जाते हैं जिन्हें हमने भूगोल की किताबों में भी नहीं देखा है।’ ठाकरे ने विजयादशमी की  रैली को संबोधित करते हुए कहा, मैं 25 नवंबर को अयोध्या जाऊंगा और प्रधानमंत्री मोदी से यह सवाल करूंगा।”

उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा जो ये समझते हैं कि हिंदुत्‍व का मुद्दा मर गया उन्हें बता दें कि यह आज भी जिंदा है।  दुख इस बात का है कि आज तक राम मंदिर का निर्माण नहीं हुआ। हमारे रामलला आज भी झोपड़ी में रह रहे हैं और उनके नाम पर उगाही करने वाले अपने आलीशान कार्यालय का निर्माण कर ऐश कर रहे हैं। इन सब से आने वक्त और पीढ़ी जवाब मांगेगी और इन मौकापरस्तों के पास छुपने का भी जगह नहीं होगा

इसके अलावे ठाकरे ने देशभर में चल रहे #MeToo अभियान को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उद्धव ठाकरे ने #MeToo अभियान पर समर्थन देते हुए कहा कि हमारी पार्टी यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के खिलाफ बोलने वाली सभी महिलाओं के साथ खड़ी है। इन सब पर बिहार के शिवसेना नेता और पटना साहिब से पार्टी के अधिकृत लोकसभा उम्मीदवार सुमित रंजन सिन्हा ने कहा की बिहार में जो कुछ हो रहा उससे देश भर में छवि खराब हुई है। बच्चियों और महिलाओं के साथ सरकारी संरक्षण में चल रहे सेल्टर होम में जिस तरह का दुष्कर्म हुआ उससे शर्मसार है बिहार। महिलाओं और बच्चियों के मान सम्मान और अस्मत पर जबरन हमला हुआ मानर डाली गई या मौत को गले लगाने के लिए मजबूर कर दी गई। ये सब सीएम नीतीश कुमार और भाजपा के शासन में हुआ।

शिवसेना प्रमुख के इन प्रहार के बाद से एक बार फिर भाजपा कटघरे में खड़ी है। आगे देखना हॉगा की इस हमले और पुछडे गए सवाल पर भाजपा कौन सी राह पकड़ती है या फिर पतली गली से इसे नजरअंदाज कर निकल लेती है।  वैसे बिहार में भी अब भाजपा व नीतीश कुमार को जवाब देने और सवाल पूछने वालों की लिस्ट में एक नाम और बढ़ गया है शिवसेना का। न्यूज बिहार से बातचीत में सुमित रंजन सिन्हा ने कहा की बिहार को नीतीश कुमार के राज में अब शर्मशार होना पड़ रहा है। अगर नीतीश जी किसी दबाव में हैं तो उसने जल्दी निकलें साथ छोड़े और बिहार में अपने वादा के मुताबिक जिसके नाम पर सत्ता में आये वो करें। याद नहीं तो मैं दुहरा देता हूँ ” बिहार में बहार है नीतीशे कुमार हैं। इसके साथ ही एक संयोग और नीतीश कुमार के सामने है कि जिस शख़्श ने इस मुहावरे को गड़ाहा था आज वो फिर से उनके सामने खड़ा है और उसे नम्बर दो की कुर्सी भी निटीएह कयमार दे चुके हैं। नैतिकता का जहां तक सवाल है तो प्रशांत किशोर को बिहार के ख़ातिरा नीतीश जी को वो श्लोगन याद दिलाना चाहिए।

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